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नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर गिरफ्तार

Shantanu Roy
24 Jan 2026 6:49 PM IST
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, तीन शातिर गिरफ्तार
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बेरोजगारों और गरीब लोगों को निशाना बनाते थे
Noida. नोएडा। उत्तर प्रदेश के नोएडा से नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों और गरीब लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सेंट्रल नोएडा की थाना सेक्टर-63 पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, नकदी और ठगी में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर बेरोजगार युवाओं, मजदूर वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को निशाना बनाता था।
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार को थाना सेक्टर-63 पुलिस टीम ने डी-पार्क क्षेत्र में चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ा। पूछताछ और तलाशी के बाद उनकी पहचान आयुष पाण्डेय, शिवम और प्रियांशु श्रीवास्तव के रूप में हुई। आरोपियों के पास से 5 लैपटॉप, 5 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 1 कीपैड मोबाइल फोन, 2 एटीएम कार्ड, 14,500 रुपये नकद और एक स्विफ्ट कार बरामद की गई है, जिसका उपयोग ठगी की वारदातों में किया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से ठगी को अंजाम देता था। अभियुक्त राह चलते आम लोगों, मजदूरों और बेरोजगार युवाओं से संपर्क करते थे। कभी अपनी मजबूरी बताकर तो कभी अच्छी नौकरी का लालच देकर वे लोगों को अपने जाल में फंसा लेते थे। इसके बाद पीड़ितों से उनका मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड यह कहकर ले लेते थे कि नौकरी के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया करनी है।
आरोपियों ने कई लोगों के नाम पर अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खाते तैयार कर रखे थे। इन्हीं खातों और यूपीआई आईडी के जरिए नौकरी दिलाने के नाम पर अन्य लोगों से पैसे मंगवाए जाते थे। ठगी की रकम खातों में आते ही आरोपी एटीएम कार्ड के जरिए पैसा निकाल लेते थे। इसके बाद खाताधारक को केवल 1,000 से 1,500 रुपये देकर बहला दिया जाता था, ताकि उसे किसी तरह का शक न हो। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण सबूत मिले हैं। मोबाइल में मौजूद स्क्रीनशॉट्स और ट्रांजेक्शन डिटेल्स से पता चला है कि इस गिरोह ने एक महिला से नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 8.50 लाख रुपये की ठगी की थी। यह रकम अलग-अलग खातों और यूपीआई आईडी के माध्यम से ट्रांसफर करवाई गई थी, ताकि किसी एक खाते पर संदेह न हो।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अलग-अलग इलाकों में लोगों को अपना शिकार बना रहा था। प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कई राज्यों के लोगों से ठगी की हो सकती है। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह से और कितने लोग जुड़े हुए हैं और कुल कितनी राशि की ठगी की गई है। इस मामले में थाना सेक्टर-63 में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। तीनों अभियुक्तों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने यह भी संकेत दिए हैं कि पूछताछ के दौरान कुछ और नाम सामने आ सकते हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की जा रही हैं।
पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति या संस्था के झांसे में न आएं। किसी को भी अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, यूपीआई आईडी या मोबाइल फोन की जानकारी साझा न करें। यदि कोई व्यक्ति या गिरोह इस तरह का लालच देता है या संदिग्ध गतिविधि करता है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि बेरोजगारी का फायदा उठाकर ठगी करने वाले ऐसे गिरोह समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ है कि सतर्कता और जागरूकता ही ऐसे अपराधों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।
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